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​वास्तु शास्त्र: क्यों राहु की दिशा ‘नैऋत्य कोण’ को कभी नहीं छोड़ना चाहिए खाली? जानिए भारी रखने का रहस्य और आसान उपाय

मोक्ष भूमि डेस्क | काशी
सनातन परंपरा और वास्तु शास्त्र में दिशाओं का विशेष महत्व है। हर दिशा का संबंध किसी न किसी ग्रह और देवता से होता है। इसी क्रम में घर का नैऋत्य कोण (South-West Corner) यानी दक्षिण-पश्चिम दिशा को सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना गया है। ज्योतिष और वास्तु के अनुसार, यह दिशा राहु ग्रह की मानी जाती है।

​वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि राहु को कभी भी अकेला या खाली नहीं छोड़ना चाहिए। यदि घर का यह कोना खाली या असंतुलित रहता है, तो राहु के नकारात्मक प्रभाव से घर में अशांति, मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान होने लगता है। यही कारण है कि वास्तु शास्त्र में इस दिशा को हमेशा भारी (Heavy) रखने की सलाह दी जाती है।

​राहु की दिशा को भारी रखना क्यों है जरूरी?

​वास्तु विज्ञान के अनुसार, नैऋत्य कोण ‘पृथ्वी तत्व’ (Earth Element) का प्रतिनिधित्व करता है। पृथ्वी तत्व का स्वभाव है स्थिरता और भारीपन।

​स्थिरता का प्रतीक: राहु को एक छाया ग्रह माना गया है, जो भ्रम और चंचलता पैदा करता है। जब हम दक्षिण-पश्चिम कोने को भारी रखते हैं, तो राहु की नकारात्मक और चंचल ऊर्जा शांत होती है।

​तरक्की और सुरक्षा: इस कोने में भारीपन होने से घर के मुखिया का मान-सम्मान बढ़ता है, करियर में स्थिरता आती है और आकस्मिक दुर्घटनाओं से बचाव होता है।

​नकारात्मकता पर रोक: खाली या हल्का नैऋत्य कोण घर में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) के प्रवेश द्वार की तरह काम करता है। इसे भारी रखकर हम उस द्वार को बंद कर देते हैं।

​सामान्य उपाय: क्या रखें नैऋत्य कोण में?

​आमतौर पर वास्तुशास्त्री सलाह देते हैं कि दक्षिण-पश्चिम कोने में भारी चीजें रखी जानी चाहिए। आप यहाँ निम्नलिखित चीजें रख सकते हैं:
​लोहे या भारी लकड़ी की अलमारी।
​घर का भारी फर्नीचर या सोफा सेट।
​भारी पत्थरों या कंक्रीट से बना कोई डेकोरेटिव पीस।
​यदि संभव हो, तो घर के मुखिया का शयनकक्ष (Master Bedroom) इसी दिशा में होना चाहिए।

​यदि अलमारी या भारी सामान रखना संभव न हो, तो क्या करें?

​कई बार आधुनिक फ्लैट्स या घरों की बनावट ऐसी होती है जहाँ इस कोने में भारी अलमारी या सामान रखना मुमकिन नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में आपको परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। वास्तु शास्त्र में इसका एक बेहद सरल और अचूक उपाय बताया गया है। जिसके अनुसार यदि आप नैऋत्य कोण में कोई भारी सामान नहीं रख पा रहे हैं, तो वहाँ गोल्डन कलर (सुनहरे रंग) का पृथ्वी का ग्लोब (Earth Globe) रख दें।

​यह उपाय कैसे काम करता है?

​पृथ्वी तत्व का संतुलन: ग्लोब साक्षात पृथ्वी का स्वरूप है। इसे राहु की दिशा में रखने से उस स्थान का ‘पृथ्वी तत्व’ मजबूत हो जाता है।

​गोल्डन कलर का महत्व: सुनहरी रंग गुरु (बृहस्पति) और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। जब गोल्डन ग्लोब को नैऋत्य कोण में रखा जाता है, तो यह राहु के दोषों को शांत कर उसे शुभ फल देने के लिए विवश कर देता है।
​वजन का विकल्प: प्रतीकात्मक रूप से ग्लोब ब्रह्मांड और पृथ्वी के भार को दर्शाता है, जिससे बिना भारी सामान रखे भी वहाँ वास्तु का संतुलन बन जाता है।

घर का दक्षिण-पश्चिम कोना आपकी खुशहाली और तरक्की की चाबी है। राहु की इस दिशा को अनदेखा बिल्कुल न करें। आज ही अपने घर के नैऋत्य कोण का निरीक्षण करें और यदि वह खाली है, तो एक सुंदर सा गोल्डन ग्लोब रखकर अपने जीवन में स्थिरता और समृद्धि का स्वागत करें।

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Author: Admin Editor MBC

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