Home 2026 अक्षय तृतीया 2026: अक्षय तृतीया 20 अप्रैल को, बन रहा है विशेष संयोग, जरूर करें दान बन रहा हैं सुनहरा म

" मोक्ष भूमि " आपका अभिनंदन करता हैं। धार्मिक जानकारियों के लिए हमारे साथ बने रहिये।   निवेदन : " मोक्षभूमि " डेस्क को 9889940000 पर व्हाट्सअप कर निशुल्क ज्योतिष,वास्तु, तीज - त्यौहार और व्रत या अन्य समस्या का समाधान पूछ सकते हैं।

अक्षय तृतीया 2026: अक्षय तृतीया 20 अप्रैल को, बन रहा है विशेष संयोग, जरूर करें दान बन रहा हैं सुनहरा मौका

डॉ संतोष ओझा | काशी

सनातन धर्म में ‘अबूझ मुहूर्त’ के रूप में विख्यात अक्षय तृतीया (आखा तीज) का पर्व इस वर्ष 20 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आने वाला यह दिन सौभाग्य, आरोग्य और अनंत फल देने वाला माना जाता है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन सतयुग और त्रेतायुग का प्रारंभ हुआ था। साथ ही, भगवान परशुराम का जन्मोत्सव भी इसी तिथि को मनाया जाता है।

अक्षय तृतीया 2026: शुभ मुहूर्त और तिथियां

काशी के विमल जैन और प्रो.सुभाष पांडे के ज्योतिष गणना के अनुसार, इस वर्ष तृतीया तिथि का विवरण इस प्रकार है:

तृतीया तिथि 19 अप्रैल को 10 बजकर 50 मिनट पर लगी जो अगले दिन 20 अप्रैल सोमवार को प्रात: 7 बजकर 20 मिनट तक रहेगी। इस बार रोहिणी नक्षत्र 19 अप्रैल रविवार को अर्धरात्रि के पश्चात 4:36 से 20 अप्रैल सोमवार को अर्धरात्रि के पश्चात 2:09 तक रहेगा। इसके साथ ही इस बार सौभाग्य योग 19 अप्रैल रविवार को रात्रि 8:02 से 20 अप्रैल सोमवार को शाम 4:12 तक रहेगा तत्पश्चात शोभन योग लग जाएगा प्लस स्वरूप 20 अप्रैल सोमवार को पूजा तिथि में रोहिणी नक्षत्र एवं सौभाग्य योग्य तथा शोभन योग में अनूठा सहयोग बना रहा है जो की देवी देवताओं की पूजा अर्चना एवं दान के लिए अनंत पुण्य फलदायी होता है

इस दिन का धार्मिक महत्व

अक्षय तृतीया का अर्थ है जिसका कभी ‘क्षय’ (नाश) न हो। इस दिन किए गए कार्यों का फल अनंत काल तक बना रहता है।

दान का महत्व: इस दिन जल से भरे कलश, पंखे, छाता, जौ और सत्तू का दान करना विशेष फलदायी माना जाता है।

बद्रीनाथ धाम के कपाट: इसी पावन तिथि पर भगवान बद्रीनाथ के कपाट खोले जाते हैं और बांके बिहारी मंदिर (वृंदावन) में साल में केवल एक बार ठाकुर जी के चरणों के दर्शन होते हैं।

खरीदारी गलत : व्यावसायिक गतिविधियों के तहत इधर कुछ वर्षों से लोगों में इस दिन आभूषण खरीदने का चलन जोर पर है लेकिन इस पवित्र दिन पर खरीदने के बजाय दान देने का शास्त्रों में कहीं भी उल्लेख है… खरीदारी करने की किसी भी धर्म ग्रंथ में नहीं।

क्या करें दिन?

मां लक्ष्मी और विष्णु पूजन: सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करें। उन्हें पीले फूल और अक्षत अर्पित करें।

पितृ तर्पण: अक्षय तृतीया पर पितरों के निमित्त किया गया तर्पण और दान उन्हें मोक्ष की ओर ले जाता है।


लगातार ऐसी ही आध्यात्मिक जानकारी हेतु नीचे दी हुई हरी पट्टी को क्लिक कर “मोक्षभूमि” व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़िए…


 आप इस ज्ञानवर्धक जानकारी को अपने सोशल मीडिया पर शेयर करें ताकि 12 भाषा की इस धार्मिक न्यूज़ पोर्टल “मोक्ष भूमि काशी” की यह जानकारी अन्य सनातनी को भी मिल सके।


डिस्क्लेमर : सभी जानकारियाँ सनातन धार्मिक ग्रंथों, विद्वानों की सलाह और मान्यताओं पर आधारित है। तथ्यों की सटीकता पर संशय के स्थिति पर अपने पुरोहित से सलाह लें ।




विशिष्ट जानकारियां

Basi Bhojan : आखिर क्यों नहीं खाना चाहिए बासी भोजन, जानिए क्या कहता है शास्त्र

Chanakya ki baten : आजमाएं इन सात आदतों को, जो देती है अल्प समय में ही सफलता

Narad muni : जानिए नारद मुनि के जन्म की रोचक कथा, पूर्वजन्म और श्राप से क्या है संबंध

Parshuram : विष्णु अवतार होने के बाद भी क्यों नहीं होती परशुराम जी की पूजा ? जानें इनके जीवन से जुड़ी 5 अनसुनी बातें

Akshy Tritiya : त्रेतायुग के प्रारंभ का दिन अक्षय तृतीया क्यों है ख़ास, जानिए किन चीजों का करना चाहिए दान और क्यों..

हनुमान जी की माता अंजना क्यों बनी अप्सरा से वानरी, कौन थे हैं हनुमान जी ने नाना

Hanuman Jyanti : हनुमान जी के पैर के नीचे किसका स्थान है ?

Lord Hanuman: जानिए आखिर तीन पत्नियों के बाद भी हनुमान जी क्यों कहलाते हैं बालब्रह्मचारी ?

Hanuman rahasy : क्या है हनुमान क़े जीवित होने की कथा संग जानिए उनके बंदर, जन्म, निवास, सिंदूर और पत्नी का नाम से जुड़ी 9 रहस्य

Powerful Hanuman Mantra : समस्या या संकट से हों परेशान, तो करें इस मंत्र का जाप, परेशानियों पर सीधा चलेगा बजरंग बाण

Duj ka chand : दूज का चांद क्यों होता है खास, क्यों करते हैं द्वितीया के चंद्र का दर्शन, मुसलमानों का संबंध

Pradosh vrat : जानिए शनि प्रदोष पर पूजा का विधान, क्या है वार के अनुसार प्रदोष व्रत के लाभ

यदि पैर का अंगूठा और उसके पास वाली उंगली दोनों हो बराबर तो मिलता है ये लाभ …..

आखिर 7 दिनों का ही क्यों होता है सप्ताह, जानें इसकी खास वजह

Shaniwar : शनिवार करें ये उपाय, कष्ट होंगे दूर, जीवन में आएगी जबरदस्त बदलाव

Shani dev : आखिर क्यों शनि की सवारी है कौआ, क्या है इसका धार्मिक महत्व, कैसे हुआ शनि का जन्म ?

आखिर क्यों भोजन के समय बात करने की होती है मनाही? जानें क्या कहता है शास्त्र

जानिए मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद क्यों टूट जाता है सामने रखा शीशा?

Makar Sankranti : मकर संक्रांति पर क्यों खाते हैं ‘खिचड़ी’ ? क्या है इसके पीछे का कारण ? जानिए किन किन ग्रहों का होता है कनेक्शन

Eksloki ramayan : एकश्लोकी रामायण में मात्र एक श्लोक में संपूर्ण राम कथा

शनि देव के प्रिय इस पौधे के हैं अनगिनत फायदे, मां लक्ष्मी की कृपा से बदल जाते हैं दिन

जानें आखिर शिव मंदिर में क्यों बजाते है ताली, ये है पौराणिक महत्व

अयोध्या के 5 कोसी परिक्रमा क्षेत्र में शराब बिक्री पर प्रतिबंध के बाद काशी के पंचकोशी क्षेत्र को मांस मदिरा से मुक्त क्षेत्र घोषित करने की मांग तेज, cm को लिखा पत्र

Ullu : आपके घर पर यदि दिखा है उल्लू, तो जानिए क्या है इसके मायने ?

जब विष्णुजी के शरीर से कन्या का हुआ जन्म, जानिए कैसे उत्पन्न हुई एकादशी ?

भैरव को प्रसाद में शराब का चढ़ावा, षड्यंत्र है या परंपरा ? जानिए क्या है धर्म ग्रंथ में

Vastu shastra : कहां रखना चाहिए झाड़ू…? गलत जगह झाड़ू रखने से क्या होता है..

वास्तु : घर में दो शमी के पौधे रखना ठीक या गलत, जानें इसकी दिशा और ख़ास बातें

हनुमान जन्मोत्सव : भगवान शिव के 11वाँ रूद्र अवतार प्रभू हनुमान का दो बार क्यों मनाया जाया है जन्मोत्सव, जानिए इससे जुड़ी कथा

Ahoi ashtami : संतान प्राप्ति में हो रही है देरी, नहीं ठहरता है गर्भ, इस व्रत से मिलेगी सफलता




चाणक्य की बातें

चाणक्य की बातें : इन 4 तरह के आदतों के लोगों को हमेशा अपने घर से रखे दूर , वरना …

Chanakya ki bat : जीवन में होने लगे ऐसी घटनाएं तो समझ लें मां लक्ष्मी हैं क्रोधित, आर्थिक संकट है नजदीक

थोड़ा नुकसान उठा लीजिए, मगर जीवन में इन 7 लोगों से कभी मदद मत मांगिए

कथाएं रामायण की ..

Ramayan : श्री राम के अलावा इन योद्धाओं के हाथों मरते-मरते बचा था रावण


कथाएं महाभारत की ..

Mahabharata : क्या गांधारी के श्राप के कारण अफगानिस्तान का हुआ है ये हाल ?

महाभारत से : जानिए रहस्य, आखिर क्यों गंगा ने मार दिया था अपने 7 बेटों को

Mahabharat Katha: किस श्राप के कारण अर्जुन बन गए थे किन्नर?

क्या चीर हरण के समय द्रौपदी रजस्वला थी ? जानिये ‘बोल्ड’ द्रौपदी से जुडी पूरी बातें

जानिये किसका अवतार थीं लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला

जब कर्ण ने श्री कृष्ण से पूछा मेरा दोष क्या था.? पढ़िए श्री कृष्ण का जवाब…

कौन हैं सुदर्शन चक्र ? जानें कैसे बने श्री कृष्ण का अस्त्र

महाभारत काल के वो पांच गांव, जिसकी वजह बना महाभारत युद्ध

जानिए पांडवो के स्वर्ग जाने की कथा, किन वजहों से पांचो पांडव बारी बारी नीचे गिरकर मृत्यु को प्राप्त हुए

निर्जला एकादशी : जानिए जब युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा था एकादशी व्रत की जानकारी, फिर ..


Mata sarasvati : क्या ब्रह्माजी ने अपनी बेटी सरस्वती से विवाह किया था ? जानिए क्या है सच.


Author: Admin Editor MBC

Comments are disabled.

error: Content is protected !!