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फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन होली खेलने से एक रात पहले होलिका दहन किया जाता है। जो हिंदू कैलेंडर के साल का अंतिम दिन होता है। होलिका दहन को […]Read more
होली हिंदू धर्म के सबसे लोकप्रिय और प्रमुख धार्मिक त्योहारों में से एक है, लेकिन इसे जैन, बौद्ध और अन्य धर्मों द्वारा भी मनाया जाता है। इसे रंगों, प्रेम और […]Read more
– ज्योतिर्विद् विमल जैन – आंवले के वृक्ष के नीचे भगवान् श्रीविष्णु की होती है आराधना – मिलता है वर्षभर के समस्त एकादशी के व्रत का फल भारतीय सनातन परम्परा […]Read more
फाल्गुन मास की आमलकी एकादशी को रंगभरी एकादाशी भी कहते हैं. यह एकादशी होली से पहले मनाई जाती है। इसके बाद से ही रंग गुलाल खेलना शुरू हो जाता है। […]Read more
रंगभरी एकादशी की पूजा विधि – रंगभरी एकादशी के दिन दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर स्नानादि करके पूजा स्थर पर भगवान शिव और माता गौरी की मूर्ति स्थापित करें। – […]Read more
फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रंगभरी एकादशी कहा जाता है। इसे आमलकी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। काशी में इस दिन बाबा विश्वनाथ का […]Read more
– डॉ संतोष ओझा, काशी होली के आठ दिन पहले होलाष्टक प्रारंभ होता है। फाल्गुन मास की अष्टमी से यह पूर्णिमा यानी होलिका दहन तक रहता है। 8 दिनों के […]Read more
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार एक बार प्रेम के देवता कामदेव ने भोलेनाथ की तपस्या भंग कर दी थी। इससे क्रोधित होकर भगवान शिव ने फाल्गुन अष्टमी के दिन कामदेव को […]Read more