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राजा भोज ने अपने श्रेष्ठ विद्वानों की सहायता से प्रजा की सुख-समृद्धि की कामना से ‘समरांगन वास्तुशास्त्र’ के रूप में वास्तु के नियमों को संग्रहीत किया है। समरांगन वास्तुशास्त्र में […]Read more
चौराहे का ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत महत्व बताया गया है। चौराहे को न सिर्फ दिव्य ऊर्जा का स्रोत माना जाता है बल्कि यह नकारात्मक शक्तियों का भी केंद्र है। जहां […]Read more
1. #प्रातःकाल : सूर्योदय से 48 मिनट पूर्व का समय प्रात:काल कहलाता है ! 2.#अरुणोदय_काल : सूर्योदय से 1 घंटा 12 मिनट पूर्व का समय अरुणोदयकाल होता है ! 3. […]Read more
14 अप्रैल को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करते ही मलमास समाप्त हो जाएगा लेकिन गुरु अस्त रहेंगे। गुरु 1 मई को उदय होंगे। इसलिए उसके बाद मांगलिक कार्य […]Read more
वक्रतुंड महाकाय कोटिसूर्यसमप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।। वास्तु पुरुष की प्रार्थना पर ब्रह्माजी ने वास्तुशास्त्र के नियमों की रचना की थी। यह मानव कल्याण के लिए बनाया गया […]Read more
वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को विकट संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है। इस वर्ष यह चतुर्थी 9 अप्रैल को मनाई जायेगी। इस दिन विघ्नहर्ता गणेश की आराधना की […]Read more