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– तुलसी विवाह मनाने की पद्धति और विशेषताएं इस वर्ष तुलसी विवाह की कार्तिक शुक्ल द्वादशी (5 नवंबर) से कार्तिक पूर्णिमा (8 नवंबर) तक है। इस दिन से शुभ दिवस […]Read more
तुलसी का पौधा हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है और लोग इसे अपने घर के आँगन या दरवाजे पर या बाग में लगाते हैं। भारतीय संस्कृति के चिर पुरातन ग्रंथ वेदों में […]Read more
हिन्दू पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि के दिन तुलसी विवाह मनाए जाने की परंपरा है। हिन्दू धर्म में तुलसी के पौधे को अत्यंत पवित्र, पूजनीय और […]Read more
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष में देवउठनी एकादशी 4 नवंबर, दिन शुक्रवार को है। इस एकादशी को देवोत्थान एकादशी या प्रबोधिनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। हिन्दू […]Read more
हर वर्ष दिवाली के बाद कार्तिक पूर्णिमा को देव दिवाली मनाई जाती है। लेकिन इस बार कार्तिक पूर्णिमा को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लग रहा है। ऐसे में देव […]Read more
मान्यता के अनुसार घोड़े की नाल को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। नाल को घर में रखने से न सिर्फ सुख-समृद्धि आती है बल्कि जीवन में तरक्की के कई […]Read more
प्रदोष व्रत का संबंध भोलेनाथ से माना जाता है। वहीं ज्योतिष शास्त्र अनुसार हर महीने की शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस […]Read more
भीष्म पंचक का शास्त्रों में विशेष महत्व है। पंचांग के अनुसार हर साल प्रबोधनी एकादशी से भीष्म पंचक व्रत शुरू होता है, जो पांचवे दिन कार्तिक पूर्णिमा तक चलता है। […]Read more
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अक्षय नवमी ‘धात्रीनवमी’ तथा ‘कूष्माण्ड नवमी’ कहा जाता है। इस दिन स्नान, पूजन, तर्पण तथा दान से अक्षय फल प्राप्त होने […]Read more
इस साल के आखिरी सूर्य ग्रहण के बाद अब बहुत जल्द ही आप 8 नवंबर यानी कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण की खगोलीय घटना देखेंगे। जहां एक तरफ दिवाली […]Read more