" मोक्ष भूमि " आपका अभिनंदन करता हैं। धार्मिक जानकारियों के लिए हमारे साथ बने रहिये।निवेदन : " मोक्षभूमि " डेस्क को 9889940000 पर व्हाट्सअप कर निशुल्क ज्योतिष,वास्तु, तीज - त्यौहार और व्रत या अन्य समस्या का समाधान पूछ सकते हैं।
पूर्वकाल में प्रजा एवं सृष्टि के विधानेक्षु ब्रम्हा जी के मन से ही चन्द्र देव के पिता अत्रि ऋषि उतप्पन हुये, अत्रि ऋषि ने पहले दिव्य परिमाण से तीन सहस्त्र […]Read more
रुद्राभिषेक एक पवित्र हिंदू अनुष्ठान है जिसमें हिंदू देवताओं में सबसे महत्वपूर्ण देवताओं में से एक भगवान शिव की भक्ति शामिल है। “रुद्र” शब्द भगवान शिव के भयंकर रूप को […]Read more
संवत 2079 के इस फाल्गुन मास में दो-दो शनिप्रदोष का संयोग बना है। पहला शनिप्रदोष कृष्ण पक्ष में 18 फरवरी को आ रहा है और दूसरा शुक्ल पक्ष में 4 […]Read more
फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी कहा जाता है। इस एकादशी का व्रत करने से समस्त कार्यो में विजय प्राप्त होती है। इस बार विजया एकादशी […]Read more
हिन्दू धर्म में देवी-देवताओं की पूजाका विधान प्रातः काल का बताया गया है लेकिन भगवान शिव के एक मंदिर में रात की पूजा का विशेष महत्व है। यूं तो किसी […]Read more
– काशी की धार्मिक जनता के सहयोग से होगा का जिर्णोद्धार – चलेगा महाभियान लेंगे एक-एक रूपये का सहयोग काशी। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के द्वार संख्या एक पऱ अनादिकाल से […]Read more
भारतीय सनातन परम्परा में हिन्दू धर्मग्रन्थों में हर माह के विशिष्ट तिथि की विशेष महिमा है। चन्द्रमास के सभी तिथियों का किसी न किसी देवी-देवता की पूजा-अर्चना से सम्बन्ध है। […]Read more
हिन्दू धर्म के अनुसार, माह में पड़ने वाली त्रयोदशी तिथि भगवान शिव को समर्पित होती है जिसे प्रदोष व्रत के रूप में मनाया जाता है। त्रयोदशी तिथि हर महीने के […]Read more
फाल्गुन माह की कृष्ण चतुर्दशी की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है। इस दिन भक्तगण उपवास रखते हैं, शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं और सुख-शांति की कामना करते हैं। साल […]Read more