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– ज्योतिषाचार्य विमल जैन बासंतिक नवरात्र में जगत जननी जगदंबा की महती कृपा प्राप्ति करने के लिए कुंवारी कन्याओं की विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चन करने के पौराणिक मान्यता है। […]Read more
चैत्र नव संवत्सर 2082 प्रारंभ होने जा रहा है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 30 मार्च 2025 से कालयुक्त नामक संवत्सर प्रारंभ हो रहा है। रविवार के दिन नव संवत्सर का प्रारंभ […]Read more
चैत्र नवरात्रि के प्रत्येक दिन माँ गौरी के नव स्वरूपों के दर्शन के विधान हैं लेकिन इन नव दिनों में भगवती के अलग अलग स्वरुप श्री शैलपुत्री, श्री ब्रह्मचारिणी, श्री […]Read more
धार्मिक मान्यतानुसार होली और रंग पंचमी दोनों ही दिनों का अपना अलग-अलग महत्व और रीति-रिवाज हैं। होली एक सामाजिक त्योहार है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीकस्वरूप मनाया […]Read more
By dr santosh ojha रंग पंचमी, होली के पांच दिन बाद मनाई जाने वाली एक पारंपरिक हिंदू त्योहार है। यह त्योहार न केवल रंगों के उत्सव का प्रतीक है, बल्कि […]Read more
रंगोत्सव का पावन पर्व होली फाल्गुन शुक्लपक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन हर्ष उमंग व उल्लास के साथ मनाने की परंपरा है। इस बार पूर्णिमा तिथि 13 मार्च, गुरुवार को […]Read more