Home 2023 यशोदा जयंती की पूजा से मिलती है तेजस्वी संतान, जानें मुहूर्त और महत्व

" मोक्ष भूमि " आपका अभिनंदन करता हैं। धार्मिक जानकारियों के लिए हमारे साथ बने रहिये।   निवेदन : " मोक्षभूमि " डेस्क को 9889940000 पर व्हाट्सअप कर निशुल्क ज्योतिष,वास्तु, तीज - त्यौहार और व्रत या अन्य समस्या का समाधान पूछ सकते हैं।

यशोदा जयंती की पूजा से मिलती है तेजस्वी संतान, जानें मुहूर्त और महत्व


हिन्दू धर्म में यशोदा जयंती का अत्यंत महत्व है। मान्यता है कि यशोदा जयंती के यशोदा मैय्या और कान्हा की पूजा करने से न सिर्फ संतान की प्राप्ति होती है बल्कि संतान के जीवन के कष्ट भी मिट जाते हैं।

फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को यशोदा जयन्ती मनाई जाती है। इस साल यशोदा जयंती का पर्व 12 फरवरी को मनाया जाएगा।
षष्ठी तिथि का शुभारंभ 11 फरवरी, दिन शनिवार को सुबह 9 बजकर 5 मिनट से होगा।
वहीं, इसका समापन 12 फरवरी, दिन रविवार को सुबह 9 बजकर 47 मिनट पर होगा।
ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, यशोदा जयन्ती 12 फरवरी को पड़ रही है।
इसके साथ ही, 12 फरवरी को सुबह 9 बजकर 54 मिनट से सुबह 11 बजकर 17 मिनट तक का समय पूजा के लिए उत्तम रहेगा।

यशोदा जयंती का महत्व

यशोदा मैय्या को ममता का प्रतीक माना जाता है।
श्री कृष्ण की मां के रूप में उनका नाम देवकी माता से पहले आता है।
यशोदा जयंती के दी मां यशोदा और बाल कृष्ण की पूजा का विशेष विधान है।
इस दिन यशोदा मैय्या और कन्हैया की श्रद्धा से पूजा करने से संतान की प्राप्ति होती है।
संतान के सभी कष्ट मिट जाते हैं और भविष्य भी उज्जवल बनता है।
यशोदा जयंती की पूजा से संतान पक्ष में हमेशा खुशहाली बनी रहती है।
माता यशोदा और बाल कृष्ण की पूजा से संतान का स्वास्थ और जीवन कुशल रहता है।

यशोदा जयंती की पूजा

यशोदा जंयती के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें।
यशोदा जंयती के दिन स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
यशोदा जंयती के दिन व्रत का संकल्प लें।
यशोदा जंयती के दिन पूजा की चौकी लें।
पूजा की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं।
लाल कपड़े पर मां यशोदा की गोद में कृष्ण वाली प्रतिमा स्थापित करें।
माता यशोदा और बाल कृष्ण के सामने दीपक प्रज्वलित करें।
बाल गोपाल और यशोदा मैय्या को भोग लगाएं।
गोपाल मंत्र का जाप अवश्य करें।
लड्डू गोपाल की आरती भी गाएं।
प्रसाद वितरण करें।




इन्हें भी पढ़िए..

महाशिवरात्रि पर इन राशियों को मिलेगा शिव जी का महा आर्शीवाद

जानिये आखिर मंगल ग्रह किसी जातक के जीवन पर कब और क्यों अच्छा या बुरा प्रभाव डालता है

ये हैं आज से शुरू हुए हिंदी कैलेंडर के अंतिम मास फागुन की ख़ास बातें

आज से शुरू हो रहा है फाल्गुन माह, जानें महत्त्व, नियम और पूजा विधि

यदि हैं आज कोर्ट कचहरी के चक्कर से परेशान, राहत के लिए आजमाये ये उपाय

छिड़कें दो चुटकी नमक, मिलेगा जोरदार तरक्की आपको अपने करियर में


दैनिक पंचांग / राशिफल

आज का पंचांग, 8 फरवरी 2023, बुधवार

आज का राशिफल 8 फरवरी 2023 बुधवार

आज का पंचांग 7 फरवरी 2023 मंगलवार

दैनिक राशिफल 07 फरवरी मंगलवार

आज का पंचांग, 6 फरवरी 2023, सोमवार

दैनिक राशिफल 06 फरवरी सोमवार


अवश्य पढ़िए..

क्यों होता है प्रत्येक पूर्णिमा ख़ास, जानिए पुरे वर्ष के पूर्णिमा पऱ मनाये जाने वाले विशेष पर्व

‘मन चंगा तो कठौती में गंगा.. ‘ कहने वाले रविदास कौन थे?

शनि देव को शांत करने के पाँच प्रयोग, पढ़िए ब्रह्म पुराण’ में क्या कहते है शनिदेव

पत्थर रूप में ही क्यों शिंगणापुर में प्रकट हुए शनि पढ़िए पुरी कहानी

राम मंदिर निर्माण में लगेगें शालिग्राम के पवित्र शिला , जानिए क्या है इसका धार्मिक महत्व

कुछ ऐसा रहेगा आपका फरवरी में ग्रह चाल , जानिए अपने राशि का हाल

जानिए, फरवरी में ये हैं शादी के मूहूर्त, कब कर सकते हैं गृहप्रवेश, मुंडन, साथ ही पंचक का मतलब और कब है पंचक ?

ये है फरवरी माह के व्रत, त्योहार और छुट्टी की लिस्ट, जानिए कब है महाशिवरात्रि ?


उम्मीद है कि आपको यह लेख पसंद आया होगा। अन्य लेख पढ़ने के लिए साथ ही अपनी सुझाव संग पसंद – नापसंद जरूर बताएं। साथ ही जुड़ें रहें हमारी वेबसाइट ” मोक्ष भूमि – काशी “ के साथ। हमारी टीम को आपके प्रतिक्रिया का इन्तजार है। 9889881111



डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता को जाँच लें । सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/ प्रवचनों /धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। जानकारी पूरी सावधानी से दी जाती हैं फिर भी आप पुरोहित से स्पस्ट कर लें।

Author: Admin Editor MBC

Comments are disabled.