Chaitra Navratri Akhand Jyoti नियम : अगर अचानक बुझ जाए ‘अखंड ज्योत’ तो घबराएं नहीं, तुरंत करें ये उपाय
चैत्र नवरात्रि के पावन दिनों में मां दुर्गा की आराधना के साथ-साथ ‘अखंड ज्योति’ प्रज्वलित करने की परंपरा है। माना जाता है कि नौ दिनों तक जलने वाला यह दीपक घर की नकारात्मकता को दूर करता है और सौभाग्य लाता है। लेकिन कई बार सावधानी के बाद भी हवा के झोंके या घी खत्म होने की वजह से ज्योत बुझ जाती है। ऐसी स्थिति में भक्त अक्सर डर जाते हैं या इसे किसी अनहोनी का संकेत मानने लगते हैं।
अगर आपके साथ भी ऐसा हो जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है। पंडितों के अनुसार, अनजाने में हुई गलती के लिए शास्त्रों में समाधान बताए गए हैं।
अखंड ज्योत बुझने पर क्या करें? (पंडित जी की सलाह)
यदि किसी कारणवश अखंड ज्योत शांत हो जाए, तो इन चरणों का पालन कर आप अपनी पूजा जारी रख सकते हैं:
सबसे पहले क्षमा याचना करें: ज्योत बुझने पर मन में भय न लाएं। सबसे पहले माता रानी के सामने हाथ जोड़कर अपनी भूल या असावधानी के लिए क्षमा मांगें। भगवान भाव के भूखे होते हैं, कुतर्क या डर के नहीं।
दोबारा प्रज्वलित करें: दीपक को साफ करें और नई बाती लगाकर उसे पुनः प्रज्वलित करें। ध्यान रहे कि मुख्य दीपक को जलाने से पहले एक ‘साक्षी दीपक’ (छोटा दीपक) जलाएं और फिर उससे मुख्य अखंड ज्योत जलाएं।
मंत्र जाप और प्रायश्चित: ज्योत जलाने के बाद “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” मंत्र का जाप करें। अपनी सामर्थ्य अनुसार किसी भी देवी मंत्र का 108 बार जाप करना मन की शांति और दोष निवारण के लिए उत्तम माना गया है।
दान-पुण्य: अगर मन में फिर भी संशय हो, तो किसी कन्या को फल या मीठा खिलाएं अथवा मंदिर में घी का दान करें।
क्यों बुझती है ज्योत? व्यावहारिक कारणों पर दें ध्यान। अक्सर हम इसे ‘अपशकुन’ मान लेते हैं, लेकिन इसके पीछे कई व्यावहारिक कारण हो सकते हैं:
बाती की लंबाई: कई बार बाती पर कार्बन जम जाने से तेल/घी ऊपर नहीं चढ़ पाता।
घी का तापमान: अगर घी पूरी तरह पिघला हुआ न हो, तो भी लौ शांत हो सकती है।
हवा का झोंका: पंखे या खिड़की से आने वाली सीधी हवा।
विशेष : अखंड ज्योत के पास हमेशा एक छोटा ‘साक्षी दीपक’ जलाकर रखें। यदि मुख्य ज्योत को ठीक करना हो या उसकी बाती बदलनी हो, तो साक्षी दीपक की मदद लें। इससे अखंडता खंडित नहीं मानी जाती।
इन नियमों का रखें खास ख्याल
स्थान: दीपक को हमेशा लकड़ी की चौकी या ऊंचे स्थान पर रखें, सीधे जमीन पर नहीं।
दूरी: ज्योत को कभी भी फूंक मारकर न बुझाएं और न ही उसके पास बहुत ज्यादा ज्वलनशील सामग्री रखें।
निगरानी: कोशिश करें कि घर का कोई न कोई सदस्य हमेशा ज्योत की निगरानी के लिए वहां मौजूद रहे।

–

विशिष्ट जानकारियां
Basi Bhojan : आखिर क्यों नहीं खाना चाहिए बासी भोजन, जानिए क्या कहता है शास्त्र
Chanakya ki baten : आजमाएं इन सात आदतों को, जो देती है अल्प समय में ही सफलता
Narad muni : जानिए नारद मुनि के जन्म की रोचक कथा, पूर्वजन्म और श्राप से क्या है संबंध
हनुमान जी की माता अंजना क्यों बनी अप्सरा से वानरी, कौन थे हैं हनुमान जी ने नाना
Hanuman Jyanti : हनुमान जी के पैर के नीचे किसका स्थान है ?
Lord Hanuman: जानिए आखिर तीन पत्नियों के बाद भी हनुमान जी क्यों कहलाते हैं बालब्रह्मचारी ?
Pradosh vrat : जानिए शनि प्रदोष पर पूजा का विधान, क्या है वार के अनुसार प्रदोष व्रत के लाभ
यदि पैर का अंगूठा और उसके पास वाली उंगली दोनों हो बराबर तो मिलता है ये लाभ …..
आखिर 7 दिनों का ही क्यों होता है सप्ताह, जानें इसकी खास वजह
Shaniwar : शनिवार करें ये उपाय, कष्ट होंगे दूर, जीवन में आएगी जबरदस्त बदलाव
Shani dev : आखिर क्यों शनि की सवारी है कौआ, क्या है इसका धार्मिक महत्व, कैसे हुआ शनि का जन्म ?
आखिर क्यों भोजन के समय बात करने की होती है मनाही? जानें क्या कहता है शास्त्र
जानिए मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद क्यों टूट जाता है सामने रखा शीशा?
Eksloki ramayan : एकश्लोकी रामायण में मात्र एक श्लोक में संपूर्ण राम कथा
शनि देव के प्रिय इस पौधे के हैं अनगिनत फायदे, मां लक्ष्मी की कृपा से बदल जाते हैं दिन
जानें आखिर शिव मंदिर में क्यों बजाते है ताली, ये है पौराणिक महत्व
Ullu : आपके घर पर यदि दिखा है उल्लू, तो जानिए क्या है इसके मायने ?
जब विष्णुजी के शरीर से कन्या का हुआ जन्म, जानिए कैसे उत्पन्न हुई एकादशी ?
भैरव को प्रसाद में शराब का चढ़ावा, षड्यंत्र है या परंपरा ? जानिए क्या है धर्म ग्रंथ में
Vastu shastra : कहां रखना चाहिए झाड़ू…? गलत जगह झाड़ू रखने से क्या होता है..
वास्तु : घर में दो शमी के पौधे रखना ठीक या गलत, जानें इसकी दिशा और ख़ास बातें
Ahoi ashtami : संतान प्राप्ति में हो रही है देरी, नहीं ठहरता है गर्भ, इस व्रत से मिलेगी सफलता


चाणक्य की बातें
चाणक्य की बातें : इन 4 तरह के आदतों के लोगों को हमेशा अपने घर से रखे दूर , वरना …
थोड़ा नुकसान उठा लीजिए, मगर जीवन में इन 7 लोगों से कभी मदद मत मांगिए
कथाएं रामायण की ..
Ramayan : श्री राम के अलावा इन योद्धाओं के हाथों मरते-मरते बचा था रावण
कथाएं महाभारत की ..
Mahabharata : क्या गांधारी के श्राप के कारण अफगानिस्तान का हुआ है ये हाल ?
महाभारत से : जानिए रहस्य, आखिर क्यों गंगा ने मार दिया था अपने 7 बेटों को
Mahabharat Katha: किस श्राप के कारण अर्जुन बन गए थे किन्नर?
क्या चीर हरण के समय द्रौपदी रजस्वला थी ? जानिये ‘बोल्ड’ द्रौपदी से जुडी पूरी बातें
जानिये किसका अवतार थीं लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला
जब कर्ण ने श्री कृष्ण से पूछा मेरा दोष क्या था.? पढ़िए श्री कृष्ण का जवाब…
कौन हैं सुदर्शन चक्र ? जानें कैसे बने श्री कृष्ण का अस्त्र
महाभारत काल के वो पांच गांव, जिसकी वजह बना महाभारत युद्ध
निर्जला एकादशी : जानिए जब युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा था एकादशी व्रत की जानकारी, फिर ..
Mata sarasvati : क्या ब्रह्माजी ने अपनी बेटी सरस्वती से विवाह किया था ? जानिए क्या है सच.


Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.